आपने कभी सोचा है कि कृष्ण भजन से जीवन में कितनी शांति आ सकती है? ये भजन न केवल भक्ति गीत हैं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा का माध्यम भी। कृष्ण भजन आपको भगवान कृष्ण की लीला से जोड़ते हैं, जहां राधा कृष्ण भजन की मधुरता दिल को छू जाती है। आप इन भजनों को गाकर तनाव भूल सकते हैं। हरे कृष्ण मंत्र की तरह, ये लिरिक्स रोजमर्रा की जिंदगी में गोविंद भजन का जादू फैलाते हैं। इस लेख में, हम आपको लोकप्रिय कृष्ण भजन लिरिक्स देंगे, ताकि आप आसानी से गा सकें और भक्ति का आनंद लें। विभिन्न स्रोतों से इकट्ठी जानकारी के आधार पर, ये भजन आपको आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेंगे। तैयार हैं? चलिए शुरू करते हैं।
कृष्ण भजन की पृष्ठभूमि
कृष्ण भजन की जड़ें भक्ति आंदोलन में हैं, जो मध्यकालीन भारत में फला-फूला। आप जानते होंगे, भक्ति संतों जैसे मीरा, तुलसीदास और सूरदास ने इन भजनों को लोकप्रिय बनाया। ये भजन कृष्ण की जीवन कथाओं से प्रेरित हैं, जैसे बाल लीला या रासलीला। गाने से मिलती है असीम शांति। उत्तर भारत में, ये भजन आरती के रूप में गाए जाते हैं। गुजरात में, गरबा के साथ मिश्रित। दक्षिण में, कार्नेटिक संगीत का प्रभाव। हर क्षेत्र में विविधता है। आप इन भजनों से जुड़कर, जाति-धर्म की बाधाएं तोड़ सकते हैं। भक्ति गीत की शक्ति ऐसी है कि ये दिल को छू लेते हैं। कृष्ण भजन लिरिक्स गाना एक सरल तरीका है ईश्वर से जुड़ने का। इतिहास बताता है, ये भजन 6वीं से 17वीं शताब्दी तक विकसित हुए। आज भी, ये वैष्णव परंपरा में महत्वपूर्ण हैं। आप भी आजमाएं।
लोकप्रिय कृष्ण भजन और उनके बोल

कृष्ण भजन लिरिक्स की दुनिया बड़ी है। आप इनमें से चुनकर गा सकते हैं। हर भजन का अपना भाव है। कुछ छोटे, कुछ लंबे। चलिए देखते हैं कुछ लोकप्रिय। आप इनको गाकर कृष्ण की कृपा पा सकते हैं। राधा कृष्ण भजन विशेष रूप से भावुक होते हैं।
एक बार तो राधा बनकर देखो।
जो मै ऐसा जानती,
प्रीत करे दुख होय,
नगर ढिंढोरा पीटती,
प्रीत ना करिये कोई।
एक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां,
राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।
क्या होते है आँसु, क्या पीड़ा होती है,
क्यू दर्द उठता है, क्यू आँखे रोती है,
एक बार आँसु तो बहाकर, देखो सांवरियां,
राधा यूँ रो रो कहे, इक बार तो राधा बनकर देखो,
मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।
जब कोई सुनेगा ना, तेरे मन के दुखडे,
जब ताने सुन सुन कर, होंगे दील के टुकडे,
एक बार जरा तुम ताने सुनकर, देखो सांवरियां,
राधा यूँ रो रो कहे, इक बार तो राधा बनकर देखो,
मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।
क्या जानोगे मोहन, तुम प्रेम की भाषा,
क्या होती है आशा, क्या होती निराशा,
एक बार जरा तुम प्रेम करके, देखो सांवरियां,
राधा यूँ रो रो कहे, इक बार तो राधा बनकर देखो,
मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।
पनघट पे मधुबन में, वो इंतज़ार करना,
कही श्याम तेरे खातिर, वो घुट घुट के मरना,
एक बार किसी का इंतज़ार कर, देखो सांवरियां,
राधा यूँ रो रो कहे, इक बार तो राधा बनकर देखो,
मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।
एक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां,
राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।
अच्युतम केशवम
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम हे।
राम नारायणम जानकी वल्लभम हे॥
कौन कहता है भगवान आते नहीं हे।
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं हे॥
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम हे।
राम नारायणम जानकी वल्लभम हे॥
कौन कहता है भगवान खाते नहीं हे।
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं हे॥
अच्युतम केशवम हे॥
गायक: विक्रम हजरा या अंकित बत्रा। ये दोनों संस्करण बहुत लोकप्रिय हैं।
हरे कृष्ण हरे राम
हरे कृष्ण हरे कृष्ण हे।
कृष्ण कृष्ण हरे हरे हे॥
हरे राम हरे राम हे।
राम राम हरे हरे हे॥
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे।
हे नाथ नारायण वासुदेव हे॥
गोविंद गोविंद गोपाल नंदलाल हे।
मधुसूदन मुरली श्याम सुंदर हे॥
गायक: जगजीत सिंह। यह मंत्र भजन उनके द्वारा गाया गया सबसे प्रसिद्ध है। हरिहरन का संस्करण भी अच्छा है।
आरती कुंज बिहारी की
आरती कुंज बिहारी की हे।
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की हे॥
गले में बैजंती माला हे।
बजावे मुरली मधुर बाला हे॥
श्रवण में कुंडल झलकाला हे।
नंद के आनंद नंदलाला हे॥
गगन सम अंग कांति काली हे।
राधिका चमक रही आली हे॥
लतन में ठाढ़े बनमाली हे।
भ्रमर सी अलक कस्तूरी तिलक हे॥
चंद्र सी झलक ललित छवि श्यामा प्यारी की हे।
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की हे॥
आरती कुंज बिहारी की हे॥
गायक: अनुराधा पौडवाल। हरिहरन का संस्करण भी भावपूर्ण है।
मेरा आपकी कृपा से
मेरा आपकी कृपा से हे।
सब काम हो रहा है हे॥
करता है मेरा बाबा हे।
मेरा नाम हो रहा है हे॥
करता नहीं मैं फिर भी हे।
सब काम हो रहा है हे॥
तेरी दया से बाबा हे।
आराम हो रहा है हे॥
तेरी दया से बाबा हे।
संसार चल रहा है हे॥
करता है मेरा बाबा हे।
मेरा नाम हो रहा है हे॥
पतवार के बिन ना ही हे।
मेरी नाव चल रही है हे॥
बाबा बिन ना ही मांगे हे।
सब चीज मिल रही है हे॥
होता रहे हमेशा हे।
जो कुछ भी हो रहा है हे॥
करता है मेरा बाबा हे।
मेरा नाम हो रहा है हे॥
जिसने जगाया जग को हे।
उसको जगा रहा हूं हे॥
बाबा तेरी बदौलत हे।
मैं भजन सुना रहा हूं हे॥
गाता रहूं हमेशा हे।
जो कुछ भी गा रहा हूं हे॥
करता है मेरा बाबा हे।
मेरा नाम हो रहा है हे॥
मैं तो नहीं हूं काबिल हे।
तेरा पार कैसे पाऊं हे॥
टूटी हुई वाणी से हे।
गुणगान कैसे गाऊं हे॥
तेरी ही प्रेरणा से हे।
ये कमाल हो रहा है हे॥
करता है मेरा बाबा हे।
मेरा नाम हो रहा है हे॥
मेरा आपकी कृपा से हे॥
गायक: जया किशोरी। तुलसी कुमार का संस्करण भी सुनने लायक है।
मीठे रस से भरी रे
मीठे रस से भरी रे हे।
राधा रानी लागे हे॥
मीठे रस से भरी रे हे।
राधा रानी लागे हे॥
मुझे अपने श्याम की हे।
मुरली की धुन सुनाड़े हे॥
मुझे अपने श्याम की हे॥
गायक: जया किशोरी या फाल्गुनी पाठक। आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री का भी एक सुंदर संस्करण है।
हे गोविंद हे गोपाल
हे गोविंद हे गोपाल हे।
हे दयाल लाल हे॥
प्राण नाथ अनाथ सखे हे।
दीन दर्द निवार हे॥
हे समर्थ अगम पूरण हे।
मोह माया धार हे॥
अंध कूप महा भयान हे।
नानक पार उतार हे॥
गायक: जगजीत सिंह। चित्रा सिंह के साथ उनका डुएट बहुत मधुर है।
एक बार तो राधा बनकर देखो
एक बार तो राधा बनकर देखो हे।
मेरे सांवरिया हे॥
राधा यूं रो रो कहे हे।
राधा यूं रो रो कहे हे॥
तज नफरत की दुनिया को छोड़के हे।
क्या होते हैं आंसू क्या पीड़ा होती है हे॥
क्यों दर्द उठता है हे।
क्यों आंखें रोती हैं हे॥
एक बार आंसू तो बहाकर देखो सांवरिया हे।
राधा यूं रो रो कहे हे॥
जब कोई सुनेगा ना हे।
तेरे मन के दुखड़े हे॥
जब ताने सुन सुन कर हे।
होंगे दिल के टुकड़े हे॥
एक बार जरा तुम ताने सुनकर देखो सांवरिया हे।
राधा यूं रो रो कहे हे॥
क्या जानोगे मोहन हे।
तुम प्रेम की भाषा हे॥
क्या होती है आशा हे।
क्या होती निराशा हे॥
एक बार जरा तुम प्रेम करके देखो सांवरिया हे।
राधा यूं रो रो कहे हे॥
पनघट पे मधुबन में हे।
वो इंतजार करना हे॥
कहीं श्याम तेरे खातिर हे।
वो घुट घुट के मरना हे॥
एक बार निकसी का इंतजार कर देखो सांवरिया हे।
राधा यूं रो रो कहे हे॥
एक बार तो राधा बनकर देखो हे॥
गायक: स्वाति मिश्रा। तृप्ति शाक्य का संस्करण भी भावुक है।
जग में सुंदर हैं दो नाम
जग में सुंदर हैं दो नाम हे।
चाहे कृष्ण कहो या राम हे॥
बोलो राम राम राम हे।
बोलो श्याम श्याम श्याम हे॥
दोनों की लीला एक सी हे।
दोनों का एक नाम हे॥
राम खेलें सीता संग हे।
श्याम खेलें राधा संग हे॥
दोनों की एक सी कहानी हे।
दोनों की एक सी जवानी हे॥
दोनों की एक सी महिमा हे।
दोनों की एक सी पूजा हे॥
दोनों की एक सी आरती हे।
दोनों की एक सी महफिल हे॥
जग में हे॥
गायक: अनूप जलोटा। यह भजन उनके द्वारा ही सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है।
भगत के वश में है भगवान
भगत के वश में है भगवान हे।
भगत के वश में है भगवान हे॥
भगत ने करी भगवान की भक्ति हे।
भगवान ने करी भगत की रक्षा हे॥
मीरा पी गई विष का प्याला हे।
अमृत बन गया हे॥
द्रौपदी की लाज बचाई हे।
चीर बढ़ा दिया हे॥
प्रह्लाद को बचाया हे।
होलीका जल गई हे॥
गज को बचाया हे।
ग्राह मुक्त हो गया हे॥
भगत के वश में हे॥
5. बता मेरे यार सुदामा रे।
बता मेरे यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।
बालक था रे जब आया करता, रोज खेल के जाया करता, हुई के तकरार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सुदामा रें, भाई घणे दीना में आया।।
म्हणे सुणा दे कुटुंब कहाणी, क्यों कर पड़ गई ठोकर खाणी, रे म्हणे सुणा कुटुंब कहाणी, क्यों कर पड़ गई ठोकर खाणी, टोटे की मार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सूदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।
सब बच्चो का हाल सुणा दे, मिश्राणी की बात बता दे, सब बच्चो का हाल सुणा दे, मिश्राणी की बात बता दे, रे क्यों गया हार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सूदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।
चहिये था रे तने पहलेम आणा, इतना दुःख नही पड़ता उठाणा, चहिये था रे तने पहलेम आणा, इतना दुःख नही पड़ता ठाणा, क्यों भुला प्यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सूदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।
इब भी आ गया ठीक बखत पे, आजा बेठ जा मेरे तखत पे, ओ जिगरी यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।
आजा भगत छाती के ल्यालु, इब बता तने कड़े बिठालु, करूँ साहूकार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।
गायक : विधि
अन्य लोकप्रिय भजन
सजा दो घर को गुलशन सा
सजा दो घर को गुलशन सा हे।
मेरे सरकार आए हैं हे॥
तेरी मुरली की धुन
तेरी मुरली की धुन सुनी हे।
मैं बरसाने से आई हूं हे॥
FAQs
कृष्ण भजन क्या हैं?
ये भगवान कृष्ण को समर्पित गीत हैं, जो भक्ति बढ़ाते हैं।
लोकप्रिय कृष्ण भजन के बोल कहां मिलेंगे?
इस लेख में krishna bhajan lyrics दिए गए हैं।
भजन गाने से क्या लाभ?
मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।
शुरुआती के लिए आसान भजन कौन से?
हरे कृष्ण मंत्र से शुरू करें।
कृष्ण भजन हिंदी में क्यों लोकप्रिय?
सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण।
राधा कृष्ण भजन कैसे गाएं?
भाव से, लय में।
गोविंद भजन का महत्व?
कृष्ण की कृपा मांगते हैं।
समापन
ये कृष्ण भजन लिरिक्स आपको भक्ति की राह दिखाते हैं। आप इन्हें गाकर जीवन को आध्यात्मिक बनाएं। मुख्य बात, भाव से जुड़ना। संबंधित भजन सुनें। आज से शुरू करो। krishna bhajan lyrics से यात्रा जारी रखो।






