तुम्हें अगर देवी दुर्गा की आरती सुनने या गाने का शौक है, तो अनुराधा पौडवाल जय अम्बे गौरी लिरिक्स (Anuradha Paudwal Jai Aambe Gauri Lyrics) से बेहतर क्या हो सकता है? यह आरती न सिर्फ दिल को छूती है, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है। तुम रोजाना इसे गाओगे, तो जीवन में शांति आएगी। अनुराधा पौडवाल की मधुर आवाज में यह आरती और भी खास हो जाती है। देवी भजन की दुनिया में यह एक क्लासिक है। क्या तुम जानते हो, नवरात्रि में यह आरती हर घर में गूंजती है? चलो, इसके बारे में और जानते हैं।
इस आरती को सुनकर तुम्हें लगेगा जैसे माँ दुर्गा खुद तुम्हारे सामने हैं। अनुराधा पौडवाल ने इसे इतनी भावना से गाया है कि हर शब्द जीवंत लगता है। दुर्गा आरती की सूची में यह सबसे ऊपर आती है। तुम इसे यूट्यूब पर सर्च करो, लाखों व्यूज मिलेंगे। लेकिन यहां हम पूरी डिटेल देंगे। माँ अम्बे की कृपा प्राप्त करने का यह आसान तरीका है। छोटे-छोटे बच्चे भी इसे आसानी से सीख जाते हैं। क्या तुम तैयार हो इस यात्रा के लिए?
आरती का महत्व और इतिहास
जय अम्बे गौरी आरती का महत्व तुम्हें पता चल जाएगा जब तुम इसे नवरात्रि में गाओगे। यह आरती देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों को समर्पित है। अनुराधा पौडवाल जय अम्बे गौरी लिरिक्स में माँ की शक्ति का वर्णन है। हिंदू धर्म में यह सदियों से गाई जा रही है। क्या तुम जानते हो, यह आरती शिवानंद स्वामी से जुड़ी बताई जाती है? इतिहास में यह देवी पूजा का हिस्सा बनी। नवरात्रि आरती के रूप में यह विशेष है। तुम्हें इससे जुड़ी कहानियां सुननी चाहिए।
इस आरती का इतिहास पुराणों से जुड़ा है। दुर्गा पूजा में यह अनिवार्य है। अनुराधा पौडवाल ने इसे लोकप्रिय बनाया। देवी भजन की परंपरा में यह मील का पत्थर है। तुम इसे शुक्रवार की पूजा में शामिल करो। महत्व यह है कि यह भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा देती है। पुराने समय में ऋषि-मुनि इसे गाते थे। आज भी मंदिरों में बजती है। क्या तुमने कभी सोचा, क्यों यह इतनी प्रसिद्ध है? क्योंकि यह सरल और प्रभावशाली है।
नवरात्रि में इस आरती का स्थान अहम है। नौ दिनों में देवी के नौ रूपों की पूजा होती है। जय अम्बे गौरी इसमें फिट बैठती है। दुर्गा आरती के रूप में यह भक्तों को जोड़ती है। अनुराधा पौडवाल की रिकॉर्डिंग ने इसे घर-घर पहुंचाया। तुम इसे परिवार के साथ गाओ, एकता बढ़ेगी। इतिहास बताता है कि यह आरती दानवों पर विजय का प्रतीक है। माँ दुर्गा की कहानियां इसमें छिपी हैं। चलो, अब लिरिक्स देखते हैं।
जय अम्बे गौरी आरती के बोल (लिरिक्स)
अनुराधा पौडवाल जय अम्बे गौरी लिरिक्स को तुम आसानी से याद कर सकते हो। यह आरती छोटी-छोटी पंक्तियों में बंटी है। हर छंद के अंत में ‘ओम जय अम्बे गौरी’ आता है। देवी आरती की तरह यह मधुर है। तुम इसे सुनो, मन शांत हो जाएगा। नवरात्रि भजन में यह टॉप पर है। क्या तुमने इसे ट्राई किया? लिरिक्स सरल हैं, लेकिन गहराई वाली। चलो, हिंदी में देखते हैं।
इस आरती के बोल तुम्हें प्रेरित करेंगे। अनुराधा पौडवाल की आवाज में यह और जीवंत लगती है। माँ दुर्गा लिरिक्स की तरह यह पवित्र है। तुम इसे रोज गाओ, फर्क महसूस करोगे। देवी गौरी के रूप का वर्णन है। हर पंक्ति में माँ की महिमा है। क्या तुम तैयार हो? अब पूर्ण लिरिक्स पढ़ो।
Anuradha Paudwal Jai Aambe Gauri Lyrics Hindi Me
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निशदिन ध्यावत
तुम को निशदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निशदिन ध्यावत
तुम को निशदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अम्बे गौरी
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को
मैया टीको मृगमद को
उज्जवल से दोउ नैना
उज्जवल से दोउ नैना
चन्द्रबदन नीको
ॐ जय अम्बे गौरी
कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजे
मैया रक्ताम्बर राजे
रक्त पुष्प दल माला
रक्त पुष्प दल माला
कंठन पर साजे
ॐ जय अम्बे गौरी
केहरि वाहन राजत खड़्ग खप्पर धारी
मैया खड़्ग खप्पर धारी
सुर-नर मुनिजन सेवत
सुर-नर मुनिजन सेवत
तिनके दुखहारी
ॐ जय अम्बे गौरी
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती
मैया नासाग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर
कोटिक चन्द्र दिवाकर
राजत सम ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी
शुम्भ निशुम्भ विडारे, महिषासुर धाती
मैया महिषासुर धाती
धूम्र विलोचन नैना
धूम्र विलोचन नैना
निशदिन मदमाती
ॐ जय अम्बे गौरी
चण्ड मुण्ड संहारे, सोणित बीज हरे
मैया सोणित बीज हरे
मधु कैटभ दोऊ मारे
मधु कैटभ दोऊ मारे
सुर भयहीन करे
ॐ जय अम्बे गौरी
ब्रह्माणी रुद्राणी, तुम कमला रानी
मैया तुम कमला रानी
आगम निगम बखानी
आगम निगम बखानी
तुम शिव पटरानी
ॐ जय अम्बे गौरी
चौसठ योगिनी मंगल, नृत्य करत भैरों
मैया नृत्य करत भैरों
बाजत ताल मृदंगा
बाजत ताल मृदंगा
अरु बाजत डमरु
ॐ जय अम्बे गौरी
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भर्ता
मैया तुम ही हो भर्ता
भक्तन की दुःख हरता
भक्तन की दुःख हरता
सुख सम्पत्ति कर्ता
ॐ जय अम्बे गौरी
भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी
मैया वर मुद्रा धारी
मनवांछित फ़ल पावत
मनवांछित फ़ल पावत
सेवत नर-नारी
ॐ जय अम्बे गौरी
कंचन थार विराजत, अगर कपूर बाती
मैया अगर कपूर बाती
श्रीमालकेतु में राजत
श्रीमालकेतु में राजत
कोटि रत्न ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी
श्री अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावे
मैया जो कोई नर गावे
कहत शिवानंद स्वामी
कहत शिवानंद स्वामी
सुख संपत्ति पावे
ॐ जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निशदिन ध्यावत
तुम को निशदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अम्बे गौरी
ॐ जय अम्बे गौरी
Jai Aambe Gauri Lyrics Audio
आरती का अर्थ और व्याख्या
इस आरती का अर्थ गहरा है। पहली पंक्ति में माँ अम्बे गौरी और श्यामा गौरी की जय है। तुम्हें पता चलेगा, हरि, ब्रह्मा, शिव इसे रोज ध्याते हैं। देवी दुर्गा के रूपों का वर्णन है। क्या तुमने सोचा, क्यों इतना महत्व? क्योंकि यह शक्ति का प्रतीक है। नवरात्रि आरती में यह फिट है। प्रत्येक पंक्ति माँ की सुंदरता बताती है।
दूसरी पंक्ति में मांग में सिंदूर, माथे पर टीका। उज्ज्वल नेत्र, चंद्र जैसा मुख। यह माँ की दिव्यता दिखाता है। अनुराधा पौडवाल जय अम्बे गौरी लिरिक्स में यह जीवंत है। तुम इसे समझो, भाव बढ़ेगा। राक्षसों पर विजय की कहानियां हैं। जैसे शुंभ-निशुंभ का वध। महिषासुर घाती माँ। धूम्र नेत्र वाली। यह शक्ति का संदेश देती है।
चंड-मुंड का संहार, शोणित बीज हरण। मधु-कैटभ का वध। सुरों को भयमुक्त करना। यह देवी की रक्षा शक्ति है। ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला रानी। शिव की पटरानी। आगम-निगम में वर्णित। क्या तुम देखते हो? यह माँ के बहुरूप हैं। चौंसठ योगिनी गाती हैं, भैरू नृत्य करता है। ताल, मृदंगा, डमरू बजते हैं। उत्सव का दृश्य है।
तुम जग की माता हो, भरता हो। भक्तों के दुख हरती हो, सुख-सम्पत्ति देती हो। चार भुजाएं, वर मुद्रा। मनोकामनाएं पूरी करती हो। कंचन थाल, अगर-कपूर बाती। कोटि रत्न ज्योति। यह पूजा का वर्णन है। अंत में, आरती गाने से सुख-सम्पत्ति मिलती है। शिवानंद स्वामी कहते हैं। क्या तुम इसे अपनाओगे? अर्थ समझकर गाओ।
आरती गाने के लाभ
जय अम्बे गौरी गाने के लाभ अनेक हैं। आध्यात्मिक शांति मिलती है। तुम्हें सुख-समृद्धि आएगी। अनुराधा पौडवाल जय अम्बे गौरी लिरिक्स से तनाव कम होता है। क्या तुम जानते हो? मनोवैज्ञानिक रूप से यह मदद करता है। दैनिक जीवन में शामिल करो। नवरात्रि में विशेष लाभ। देवी कृपा बरसती है।
यह आरती तुम्हारे जीवन में सकारात्मकता लाती है। वैज्ञानिक दृष्टि से, भजन गाना माइंड को रिलैक्स करता है। तनाव दूर। सुख बढ़ता है। दुर्गा आरती के रूप में यह प्रभावी है। तुम इसे शुक्रवार पूजा में गाओ। परिवार में खुशियां आएंगी। क्या तुमने महसूस किया? आध्यात्मिक लाभ जैसे शांति, साहस।
मनोवैज्ञानिक लाभ भी हैं। अध्ययन बताते हैं, मंत्र जाप से फोकस बढ़ता है। यह आरती वैसा ही है। तुम्हें समृद्धि मिलेगी। दुख हटेंगे। देवी भजन की शक्ति है। नवरात्रि में रोज गाओ। जीवन बदल जाएगा। छोटे लाभ से बड़े तक। क्या तुम तैयार हो?
कैसे गाएं जय अम्बे गौरी आरती
इस आरती को गाने के लिए सामग्री जुटाओ। दिया, अगरबत्ती, कपूर। कंचन थाल में रखो। अनुराधा पौडवाल जय अम्बे गौरी लिरिक्स पढ़ो। सही समय चुनो। सुबह या शाम। नवरात्रि में रोज। विधि सरल है। क्या तुम जानते हो? पूजा स्थल साफ रखो।
आरती गाने की विधि: पहले संकल्प लो। फिर लिरिक्स गाओ। घंटी बजाओ। परिवार के साथ। अनुराधा पौडवाल के वीडियो देखो। यूट्यूब पर उपलब्ध। दुर्गा पूजा में शामिल करो। क्या तुम ट्राई करोगे? आसान है।
सही समय: नवरात्रि के नौ दिन। शुक्रवार। दैनिक पूजा में। विधि: माँ की मूर्ति सामने रखो। दिया जलाओ। आरती घुमाओ। अंत में प्रार्थना। लाभ मिलेगा। देवी आरती की तरह। तुम्हें पसंद आएगा।
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अन्य दुर्गा आरतियां जैसे अम्बे तू है जगदम्बे काली। अनुराधा पौडवाल के अन्य भजन: हनुमान चालीसा, दुर्गा चालीसा। क्या तुम सुनते हो? अच्छे हैं। डाउनलोड विकल्प: ऐप्स से। सुनने के लिए स्पॉटिफाई। नवरात्रि भजन प्लेलिस्ट बनाओ।
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F.A.Q
जय अम्बे गौरी आरती क्या है?
यह देवी दुर्गा को समर्पित एक भक्ति गीत है, जो उनकी महिमा गाती है। अनुराधा पौडवाल की आवाज में प्रसिद्ध।
अनुराधा पौडवाल द्वारा गाई गई इस आरती का महत्व क्यों है?
यह आरती आध्यात्मिक शांति देती है और नवरात्रि में विशेष है। उनकी मधुर आवाज से भाव बढ़ते हैं।
इस आरती को कब गाना चाहिए?
नवरात्रि, दुर्गा पूजा, शुक्रवार या दैनिक पूजा में। सुबह-शाम उत्तम।
आरती के बोल कहाँ से आए हैं?
परंपरागत, शिवानंद स्वामी से जुड़े। पुराणों से प्रेरित।
क्या इस आरती का अंग्रेजी अनुवाद उपलब्ध है?
हाँ, ट्रांसलिटरेशन और अर्थ उपलब्ध। आसान उच्चारण के लिए।
Wrapping Up
इस आरती का संदेश है देवी की शक्ति और कृपा। अनुराधा पौडवाल जय अम्बे गौरी लिरिक्स से तुम्हें प्रेरणा मिलेगी। इसे गाओ, जीवन में बदलाव आएगा। माँ की कृपा प्राप्त करो। क्या तुम शुरू करोगे? अंत में, जय माता दी।






