क्या आपने कभी अंजलि जैन सुखकर्ता दुखहर्ता मधुर सुना है? अगर नहीं, तो आप कुछ अनमोल सुनने से चूक रहे हैं। यह सिर्फ एक आरती नहीं है। यह वह दिव्य ऊर्जा है, जो मन की सारी थकान एक बार में हटा देती है। इस लेख में हम जानेंगे anjali jain sukh karta dukh harta lyrics – विस्तार से हर शब्द का अर्थ रोज़ाना पूजा में इस्तेमाल करने का तरीका अक्सर पूछे जाने वाले सवाल छोटी सी बात, गहरा असर: यह आरती आपका मूड बदलने के लिए नहीं – जीवन बदलने के लिए है।
खकर्ता दुखहर्ता की उत्पत्ति और महत्व
यह आरती 17वीं शताब्दी में समर्थ रामदास स्वामी द्वारा रचित है। उन्होंने मोरगांव के मयूरेश्वर गणेश मंदिर से प्रेरणा ली थी। गणेश जी को सुख देने वाला और दुख हरने वाला माना जाता है, इसलिए यह नाम पड़ा।
महाराष्ट्र में यह आरती बहुत लोकप्रिय है। पूरे भारत में गणेश चतुर्थी, दीवाली और रोज़ की पूजा में गाई जाती है। आप जब भी कोई नया काम शुरू करते हैं, विघ्नहर्ता गणपति की यह आरती बाधाओं को दूर करती है।
अंजलि जैन की आवाज़ में यह भजन आधुनिक भक्तिमय संग्रहों में शामिल होकर नई पीढ़ी तक पहुंचा है। भावुकता और स्पष्टता के कारण यह संस्करण खासा पसंद किया जाता है।
अंजलि जैन सुख कर्ता दुख हर्ता पूरे लिरिक्स
यहाँ हम आपको मूल देवनागरी लिपि और रोमन (हिंदी उच्चारण) दोनों में लिरिक्स दे रहे हैं। जब आप इसे अंजलि जैन के साथ गाएँगे, तो हर शब्द स्पष्ट होगा।
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची
कंठी झळके माल मुकताफळांची
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको
दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको
हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको
महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको
जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि
विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी
कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी
गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि
जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
भावभगत से कोई शरणागत आवे
संतत संपत सबही भरपूर पावे
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे
गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे
जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची
कंठी झलके माल मुकताफळांची
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
इस भजन को सुनने और गाने के फायदे
यह आरती सुनने से मन शांत रहता है। तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। गणेश जी विघ्नहर्ता हैं, इसलिए नई शुरुआत से पहले इसे गाना शुभ फल देता है।
अंजलि जैन की आवाज़ में भावुकता है जो सुनने वाले को गणपति के करीब ले जाती है। सुबह की पूजा, शाम की आरती या यात्रा के समय – कभी भी बजा सकते हैं।
नए लोग धीरे-धीरे साथ गा सकते हैं। शुरू में लिरिक्स पढ़कर अभ्यास करें, जल्दी ही याद हो जाएगा।
अंजलि जैन: भक्ति की यह आवाज़ क्यों छू जाती है
अंजलि जैन कई सुंदर भजन और आरतियां गाती हैं। उनकी स्पष्ट उच्चारण और सादगी भक्तों को आकर्षित करती है। गणेश आरती के अलावा उनके अन्य भजन भी आपकी प्लेलिस्ट में जरूर जोड़ें।
घर पर गणेश आरती कैसे करें
साफ जगह पर गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर रखें। अगरबत्ती, दीपक, फूल, फल और प्रसाद तैयार रखें। आरती शुरू करते समय इन लिरिक्स गाएं।
ध्यान रखें – भक्ति से गाएं, शुद्धता बनाए रखें। गलती से तेज़ या बिना भाव के न गाएं।
इसी तरह के लोकप्रिय गणेश भजन
अगर आपको यह पसंद आया तो जय गणेश देवा, गणपति बप्पा मोरया या अंजलि जैन के अन्य भजन भी सुनें। विविधता भक्ति को और गहरा बनाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
“सुखकर्ता दुखहर्ता” किस भाषा में लिखी गई है?
यह मुख्यतः मराठी में है, लेकिन बीच-बीच में संस्कृत और हिंदी के शब्द भी आते हैं। इसीलिए यह पूरे भारत में समान रूप से लोकप्रिय है।
क्या यह आरती वही है जो सामान्य गणेश आरती है?
जी हाँ। यह सबसे मानक और व्यापक रूप से प्रचलित गणेश आरती है।
बस संगीत निर्देशन, गायक और गति (गति) में अंतर हो सकता है – जैसे मीट ब्रदर्स का फास्ट वर्जन या अंजलि जैन का मेलोडिक वर्जन।
क्या मैं अंजलि जैन का यह गाना Google पर मुफ्त सुन सकता हूँ?
हाँ, यह कई म्यूज़िक प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपलब्ध है। बस anjali jain sukh karta dukh harta lyrics के साथ ट्रैक सर्च करें।
क्या इस आरती को बिना धार्मिक उद्देश्य के सिर्फ संगीत के तौर पर सुना जा सकता है?
बिल्कुल। अंजलि जैन ने इसे इतने सुरीले ढंग से गाया है कि यह एक अच्छे रिलैक्सेशन या मेडिटेशन ट्रैक की तरह भी काम करता है।
क्या महिलाएँ मासिक धर्म के दौरान यह आरती गा सकती हैं?
हाँ। गणेश जी बिना किसी बंधन के सबको अपनी शरण देते हैं। बस मन शुद्ध होना चाहिए।
समापन
तो दोस्तों, यह थी वही आरती जिसे सुनकर संकट पिघलने लगते हैं।
anjali jain sukh karta dukh harta lyrics – इसे सिर्फ पढ़ना भर न छोड़ें।
आज ही इस ट्रैक को चालू करें, और ऊपर दिए गए हिसाब से साथ में गाएँ।
बप्पा को केवल शेंदूर से नहीं, अपनी आवाज़ और आँसुओं से भी प्रसन्न किया जा सकता है।
छोटा सा प्रयास, बड़ा परिणाम।
गणपति बप्पा मोरया…
और हाँ, यह आरती जब तीन बार गाएँगे, तो महसूस करेंगे – वाकई मन की हर कामना पूरी होती है।
अब आपकी बारी है: पहले खुद गाइए, फिर किसी रिश्तेदार को भेजिए।
सुखकर्ता आपका हाथ थामे, आप किसी का। ✨






