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Anuradha Paudwal Jai Santoshi Mata Aarti Lyrics | संतोषी माता आरती हिंदी में

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anuradha paudwal jai santoshi mata aarti lyrics

कल्पना कीजिए कि शुक्रवार की शाम है। आपने पूजा घर सजाया हुआ है, दीपक जल रहा है और अनुराधा पौडवाल की मधुर, भक्ति से भरी आवाज गूंज रही है – जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता। अगर आप anuradha paudwal jai santoshi mata aarti lyrics ढूंढ रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। संतोषी माता की आरती न सिर्फ मन को शांति देती है बल्कि जीवन में संतोष, सुख और समृद्धि भी लाती है।

आप रोज की भागदौड़ में थक चुके हैं। परिवार की चिंताएं, आर्थिक परेशानियां और इच्छाएं अधूरी रह जाती हैं। ऐसे में संतोषी माता की आरती गाने से दिल हल्का हो जाता है। अनुराधा पौडवाल की आवाज इस आरती को और भी प्रभावशाली बना देती है। लाखों भक्त इसे सुनते और गाते हैं।

संतोषी माता कौन हैं? देवी का महत्व समझिए

संतोषी माता संतोष की देवी मानी जाती हैं। वे गणेश जी की पुत्री हैं और मां दुर्गा का ही एक रूप हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से उनकी पूजा करता है, उसे सुख-समृद्धि मिलती है। विशेष रूप से शुक्रवार का दिन उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

आप अगर संतोषी माता व्रत रखते हैं या उनकी आरती गाते हैं तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। दरिद्रता, रोग और संकट दूर होते हैं। भक्तों की मान्यता है कि माता प्रसन्न होकर मनोकामना पूरी करती हैं।

जय संतोषी माता आरती का भक्ति में महत्व

आरती कोई साधारण गीत नहीं है। यह भगवान के प्रति कृतज्ञता और प्रेम का प्रतीक है। संतोषी माता की आरती विशेष रूप से शुक्रवार को गाई जाती है। इससे वातावरण पवित्र हो जाता है और मन की अशांति मिटती है।

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अनुराधा पौडवाल की यह आवृत्ति सबसे लोकप्रिय है। उनकी स्वर लहरियां सीधे दिल को छू जाती हैं। आप जब भी तनाव महसूस करें, बस यह आरती लगा लें। कुछ ही मिनटों में शांति महसूस होने लगेगी।

अनुराधा पौडवाल जय संतोषी माता आरती लिरिक्स लिखित में

जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता।
अपने सेवक जन की, सुख सम्पत्ति दाता॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
सुंदर चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो।
हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार लीन्हो॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
गेरू लाल छटा छबि, बदन कमल सोहे।
मंद हंसत करुणामयी, त्रिभुवन जन मोहे॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
स्वर्ण सिंहासन बैठी, चंवर ढुरे प्यारे।
धूप दीप मधु मेवा, भोग धरे न्यारे॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
गुड़ अरु चना परम प्रिय, तामें संतोष कियो।
संतोषी कहलाई, भक्तन वैभव दियो॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
शुक्रवार प्रिय मानत, आज दिवस सोही।
भक्त मंडली छाई, कथा सुनत मोही॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
मंदिर जगमग ज्योति, मंगल ध्वनि छाई।
विनय करें हम सेवक, चरनन सिर नाई॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
भक्ति भावमय पूजा, अंगीकृत कीजै।
जो मन बसे हमारे, इच्छित फल दीजै॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
दुखी दरिद्री रोगी, संकट मुक्त किए।
बहु धन धान्य भरे घर, सुख सौभाग्य दिए॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
ध्यान धरे जो तेरा, वांछित फल पायो।
पूजा कथा श्रवण कर, घर आनंद आयो॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
चरण गहे की लज्जा, रखियो जगदंबे।
संकट तू ही निवारे, दयामयी अम्बे॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥
संतोषी माता की आरती, जो कोई जन गावे।
ऋद्धि सिद्धि सुख सम्पति, जी भर के पावे॥
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता॥

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संतोषी माता कि आरती ऑडियो में सुने और डाउनलोड कर सकते हैं

संतोषी माता आरती वीडियो में

आरती का सरल अर्थ और व्याख्या

हर छंद माता की महिमा गाता है। पहले छंद में कहा गया है कि माता अपने भक्तों को सुख और संपत्ति देने वाली हैं। मध्य के छंद उनकी शोभा, सिंहासन और भोग का वर्णन करते हैं। अंत के छंद आशीर्वाद मांगते हैं – दुख, दरिद्रता दूर करो, संकट हर लो।

आप जब अर्थ समझकर गाएंगे तो भक्ति और गहरी हो जाएगी। हर शब्द दिल से निकलेगा।

घर पर संतोषी माता की आरती कैसे करें

सबसे पहले पूजा स्थान साफ करें। लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। माता की मूर्ति या चित्र रखें। गुड़ और चना चढ़ाएं। दीपक जलाएं। अगरबत्ती लगाएं। फिर श्रद्धा से आरती गाएं।

शुक्रवार को व्रत रखने वाले भक्त शाम को यह आरती अवश्य करें। प्रसाद बांटने से पुण्य बढ़ता है।

आरती गाते समय बचने वाली गलतियां बिना भाव के सिर्फ शब्द न दोहराएं। फोन पर गाना बजाकर साथ गाएं तो बेहतर रहेगा। साफ मन और सच्ची श्रद्धा जरूरी है।

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जय संतोषी माता आरती गाने के लाभ

नियमित गाने से मन शांत रहता है। घर में सुख-समृद्धि आती है। संकट कम होते हैं। छात्रों को पढ़ाई में सफलता, व्यापारियों को लाभ और परिवार में मधुर संबंध बनते हैं।

अनुराधा पौडवाल – भक्ति की अनुपम आवाज

अनुराधा पौडवाल ने न सिर्फ संतोषी माता की आरती बल्कि कई लोकप्रिय भजन गाए हैं। उनकी आवाज में ऐसी मिठास है जो सुनते ही भक्ति जागृत हो जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जय संतोषी माता आरती गाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

शाम की पूजा के समय या शुक्रवार को विशेष रूप से।

क्या बिना हिंदी जाने गा सकते हैं?

हां, रोमन ट्रांसलिटरेशन या ऑडियो सुनकर आसानी से सीख सकते हैं।

अनुराधा पौडवाल की मूल आवाज कहां सुनें?

म्यूजिक ऐप्स या यूट्यूब पर उपलब्ध है।

संतोषी माता को क्या प्रसाद चढ़ाया जाता है?

गुड़ और चना सबसे प्रिय है।

व्रत के साथ आरती गाने के नियम क्या हैं?

सच्चे मन से करें, नमक न खाएं (अगर व्रत है) और प्रसाद बांटें।

समापन

anuradha paudwal jai santoshi mata aarti lyrics अब आपके पास आसानी से उपलब्ध है। इसे अपनी पूजा में शामिल कीजिए। संतोषी माता की कृपा से आपका जीवन संतोष और खुशियों से भर जाएगा।

हर शुक्रवार आरती गाइए, श्रद्धा रखिए और देखिए चमत्कार खुद होते हैं। जय संतोषी माता। आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हों।

अगर आपने यह आरती गाई है तो अपना अनुभव जरूर शेयर कीजिए। भक्ति का यह सफर और भी सुंदर बनाइए।